इस्लामिक सत्ता का ह्रास , मगरिब और मशरीक में उनका टुटना , हमारे मुस्लिम भाइयों स…


इस्लामिक सत्ता का ह्रास , मगरिब और मशरीक में उनका टुटना , हमारे मुस्लिम भाइयों से अनुरोध :
ये संदेश मेरे उन मुसलमान भाइयों के लिए हैं जो अपनी नस्ले खराब कर रहे हैं उनको ये सीखा के की हमने राज किया हैं, हम superior हैं , और हिंदुओं के लिए भी जो तब भी जाति में बटे हुए थे आज भी राजनैतिक धर्म उन्हें बांटे हुए हैं । इतिहास सामने हैं आप समझेंगे नहीं तो अपना आज और कल खराब करेंगे ।
अरब में एक के बाद एक ABRAHAMIC धर्म बने ,तीसरा था Islam, वहां की सामाजिक कुरीतियों और कठिन परिवेश , संसाधनों की कमी और आक्रांताओं के आतंक की वजह से एक लुटेरी सैन्य शक्ति का घटन हुआ।
उसके उलट हिंदुस्तान में संसाधनों की अधिकता की वजह से अति intellectualism and Ego और परिवारवाद ने जन्म दिया जन्म से होने वाले जातिवाद को , राजपूताना गुजरात और राजस्थान छोटे छोटे टुकड़ों में बट गया था, समाज बिहार तक का जाति में बटा हुआ था, सैन्य प्रशिक्षण जाती आधारित थी। नतीजा आपके सामने ।
यहां तक तो आपको school के text book में पढ़ाया गया होगा, इसके आगे भी पढ़ाया गया होगा की शिवाजी और महाराणा तथा सरदारों ने हमेशा इस्लामिक सत्ता को थकाया , हराया और झुकाया ।
जो नहीं पढ़ाया होगा वो हैं की तलवार के दम पे इस्लामिक expansion कैसे रुका ? कहां से रूकज ये complete picture नहीं दिया गया होगा

१) अहोमिया राजवंश, लचित बोरफुकान और islamic exapansion का अंत, अरब से चल कर यहां तक तो पहुंचे पर कामरूप से आगे रोक दिया गया
२) जो नहीं पढ़ाया गया होगा वो हैं की यूरोप के तरफ का expansion और acqusition टूटा हिंदुस्तानी फौज की वजह से Battle of Haifa और battle of Suez से, जहां से छिन्न भिन्न हो गई उनकी बेहद नई सत्ता और Osmania खिलाफत , दोनों हिन्दुस्तानियों की वजह से , हिन्दुस्तान में पर खिलाफत आंदोलन हुआ ? क्यों ?

अब सीखना क्या हैं : लड़ के नहीं जीत पाइएगा, "जन CO EXISTENCE" सीखिए "राजनैतिक co existence" नहीं
समय कम हैं , मेरी एक भयावह भविष्यवाणी हैं 2023 की, शुरुआत हो चुकी हैं उसकी middle east में।
जब टूटा हुआ हिन्दुस्तान आपको वैश्विक पटल पे रोक सकता हैं तो अब तो 1947 के बाद एक शक्ति हैं , और आप इसी सभ्यता और संस्कृति के संतान हैं, पूजा पद्धति बदली है आपकी पूर्वज नहीं , अभी से भी नफरत रोकिए नही तो नुकसान होगा , mainstream की चिंताओं और सोच को अपनाइए जो मेरे लिए विदेशी हैं आपके लिए भी हैं , हमारा resources चूस रहे हैं ना वो ? जनसंख्या अगर मेरी चिंता हैं तो आपकी भी होनी चाहिए etc, फिर हर बात का विरोध क्यों ?
Thanks Manik M. Jolly for this thought provoking article
Remembering Assam’s legendary hero – #lachitborphukan , on his 400th birth anniversary. My article in Swarajya gives an outline of Mughal-Ahom conflicts and how one man decimated Mughal dream of capturing North East India and beyond.
@himantabiswasarma #assam #generals #mughals

https://swarajyamag.com/…/remembering-assams-legendary-war-…



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