कभी-कभी मैं भी साहित्यकार type सोचने लग जाता हूं….

कभी-कभी मैं भी साहित्यकार type सोचने लग जाता हूं.
Comparison draw करने लगता हूं : चलिए भैंस की एक हरकत पर चर्चा करते हैं.
आप चाहे तो मुझे stereotype कर सकते हैं कि बिहारी है, गवार है इसलिए भैंस से राजनेताओं / राजकुमारों की तुलना कर रहा है , पर मेरा मकसद सिर्फ आप लोगों को गांव मैं पाई जाने वाली…

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