“कर्म प्रधान विश्व रची राखा”…

“कर्म प्रधान विश्व रची राखा”
ये हमारे लोकतंत्र की खुबसूरती हैं की एक मछुआरे का बेटा अपने कर्मो की वजह से राष्ट्रपति बनता है, petrol pump employee Reliance बनाता हैं, चाय वाला PM, बनिया कुल उत्पन्न व्यक्ति सेनापति बनता हैं , दलित ब्राह्मण बनता हैं और हर जाति शासक,
और आज एक आदिवासी महिला हिन्दुस्तान की पहली नागरिक बनी हैं।
तुच्छ विचारो और party lines को एकतरफ रखिए और लोकतंत्र मनाइए



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