कौन कहता हैं आसमान में सुराख नहीं होता , एक पत्थर तबियत से तो उछालो यारों।…

कौन कहता हैं आसमान में सुराख नहीं होता , एक पत्थर तबियत से तो उछालो यारों।
बस अब बिजली का रेट घटाना होगा, बड़ने का जो प्रयास सरकार कर रही हैं उसका तो सवाल ही नहीं पैदा होता और गरीबों को या तो कुछ free units दो या grace period in recharge
सरकारी गलतियों को सजा हम नहीं भुगतेंगे।




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