"धरतीपुत्र बिहारियों" आज ही के दिन 2017 में, मैं दशरथ मांझी जी की जमीन…


"धरतीपुत्र बिहारियों" आज ही के दिन 2017 में, मैं दशरथ मांझी जी की जमीन गया मे था.
और आज उसी क्रम में मुझे कविवर मैथिलीशरण गुप्त जी याद आ रहे हैं

नर हो, न निराश करो मन को
कुछ काम करो, कुछ काम करो

आज ही के दिन वर्ष 2017 में अंडा प्रचुरता अभियान का गया में आरंभ हुआ था
इस अभियान में अद्भुत सफलता पाई , पूरे बिहार में रोजगार का सृजन हुआ
बिहार के अंडा उद्योग ने पंजाब को टक्कर दी
तो क्या इस कोरोनावायरस के संकट काल में " धरतीपुत्र बिहारी " निराश होकर के बैठेंगे
या हम लोग आगे बढ़कर बेरोजगारी रूपी कालिया नाग के फन को नाथेंगे ?
साथियों पंजाब और बिहार में बहुत समानता है हम दोनों कृषि आधारित राज्य हैं
पंजाब SPECIAL बन गया, हमारे यहां उस पर राजनीति चल रही है
वक्त है कि हम लोग उद्यमिता की तरफ अग्रसर हो तथा बिहार में ही रोजगार पैदा करें
अगर दशरथ मांझी भी किसी और से उम्मीद रखते तो समझिए आज क्या होता
"भगवान के भरोसे मात बैठो, क्या पता भगवान भी तुम्हारे भरोसे बैठा हो "
#economywarriors
#vikashkesipahi
Anil Bhatia Ranjit Kumar Das Thanks













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4 thoughts on “"धरतीपुत्र बिहारियों" आज ही के दिन 2017 में, मैं दशरथ मांझी जी की जमीन…

  1. ढेरों बधाई व शुभकामनाएं सर। आप ने जो कहा वह कर दिखाया

  2. बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

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