बिहार में बनेगा मछली पलकों और बकरी पालकों का 300 एफपीओ, जुड़ेंगे देढ लाख किसान: स

बिहार में बनेगा मछली पलकों और बकरी पालकों का 300 एफपीओ, जुड़ेंगे देढ लाख किसान: संजीव श्रीवास्तव
केला और पपीता की खेती करने वालों को भी दिया जायेगा प्रशिक्षण
राज्य के बायोफ्लॉक मछली पलको और बकरी पालने वालों किसानों को और बेहतर बनाने के लिए वेटरन्स इंडिया के संजीव श्रीवास्तव और कमांडो राकेश रंजन की ओर से पटना के डी एन एस संस्थान में एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण का आयोजन नाबार्ड की ओर से किया गया।
इस प्रशिक्षण समारोह में 61 एफपीओ के किसान मौजूद रहे।
प्रशिक्षण शिविर के उदघाटन उदबोधन में संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि उनका लक्ष्य 15 लाख किसानों को एफपीओ से जोड़ना है। मछली और बकरी के अलावा केला और पपीता की खेती करने वाले किसानों का भी एफपीओ तैयार हो रहा है। एफपीओ से जुड़े किसानों को सस्ता उपकरण, बीज, खाद, टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण मुहैया कराया जाएगा। जिससे किसानों के उत्पादन और आय में दोगुनी वृद्धि होगी। इसके साथ ही किसानों के वस्तुयों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं कमांडो राकेश रंजन ने बताया कि बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आईआईएम कलकत्ता भी सहयोग देगी। आईआईएम कोलकत्ता ने इस बाबत अपनी रजामंदी दी है। जल्द ही इस संस्थान की ओर से भी किसानों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान डीएनएस के निदेशक श्री रंजन के अलावा नाबार्ड के प्रतिनिधि प्रतीक कुमार भी मौजूद थे। वहीं मछली के 14 , बकरी के 36, पापाया का 1 और केला के 1 एफपीओ के प्रतिनिधि मौजूद थे। जिसमें पटना जिला के 7 , रोहतास के 8 गया के 5, औरंगाबाद के 2, नवादा के 4, सीवान के 3, छपरा के 3, नालंदा के 3, मुज़्ज़फरपुर के 2, मुंगेर के 2, लखीसराय के 2 एफपीओ की मौजूदगी रही।






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7 thoughts on “बिहार में बनेगा मछली पलकों और बकरी पालकों का 300 एफपीओ, जुड़ेंगे देढ लाख किसान: स

  1. बहुत अच्छी बात….पर पिछले १० साल में बिहार सरकार के इस दिशा में कोई सफलता की कहानी है….शेयर करें…मुख्य मंत्री गाँव गाँव जा ग्राम उद्योग को उत्साहित करें….जाति पाँति मिटाने की दिशा में सार्थ क कुछ करें… हर पंचायत में क्या किया जा सकता है का खाका तैयार करें समय सीमा के साथ…

  2. पिछले 10 साल में बिहार सरकार को इस दिशा में कोई सफलता नही मिली है। पशुपालन मंत्री गाँव – गाँव जा कर ग्राम उद्योग को उत्साहित करे और हर राज-पंचायत में जो कार्य किसी किसान द्वारा किया जा सकता है। उस किसान को ग्राम उधोग लगाने में सहयोग किया जाय।

    Samrat Agro & Poultry Society Pvt.

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