वही कातिल वही शाहिद वही मुंसिफ ठहरे…

वही कातिल वही शाहिद वही मुंसिफ ठहरे
अकरबा मेरे करें कत्ल का दावा किस पर
मैं अपने सारे मीडिया के मित्रों, और उन अनेकानेक मित्रों और सांसदों पूर्व मंत्रियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरी आवाज को बुलंद किया,
पर नतीजा मैंने इस शेर में लिख दिया है
हम बिहारी इंसानों की कैटेगरी में नहीं आते




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