9 thoughts on “Good morning

  1. All new entrepreneurs, their employees and self employed ones are called Berojgar in India as they don’t hv sarkari naukri.

  2. इस सब नही होगा तो दुकानें बन्द हो जायेंगी

  3. इन आँकड़ों को देखते समय शायद सुशासन बाबू को अंधो वाला चश्मा चढ़ जाता है ? किसानों की सुनता कौन है ? बेरोजगारों को देखता कौन है ? सुशासन बाबू ने अपने शासनकाल में एक भी बन्द कारखाने को चालू कराया हो तो कृपया बताएं ?

  4. अकर्मण्यों और कायरों की बातें हम कतई न करें तो ही युवाओं का भला संभव।

    बमुश्किल इनमें 10% ऐसे नहीं होंगे जो वास्तव में दुर्भाग्यवश ऐसा किये होंगे। परिस्थिति बिल्कुल प्रतिकूल हुई होगी और आत्महत्या किये होंगे। शेष गैरजिम्मेदार, कामचोर और कायरों की दास्तान है यह कैप्शन।

    मेरा एक रिश्तेदार है। जिसके पिता नहीं, उसके हिस्से जमीन भी नहीं, भाई बड़े पद पर है, धनाढ्य है पर सगे भाई से कोई रिश्ता नहीं। पिछले 15 वर्षों से अकेला अपनी बूढ़ी माँ के साथ सुदूर गांव में रह रहा। कुछ वर्ष पूर्व शादी भी हो गयी और एक बेटी भी है। वह लड़का कठोर मेहनत कर रहा संघर्ष कर रहा पर कभी किसी से मदद नहीं ली। कभी सुसाइड जैसी बातें उसके मन में नहीं आई। आज वह अपनी मेहनत और संघर्ष से एक अच्छी जिंदगी जी रहा। खुद का 2 bhk मकान बना लिया है। सारी शहरी व आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण है उसका नन्हा से घर।
    जिद्द थी कुछ करना है। हाथ नहीं पसारना है और कायरता नहीं दिखानी है।

    हमें ऐसे लोगों की कहानियां बतानी होगी तब ही कमजोर लोग हौसला पाएंगे।

    आप तो खुद सैकड़ों की जिंदगी को सकारात्मक रूप से बदल चुके हैं फिर उन कहानियों को बताएं। जिससे लोग प्रेरित होंगे।

  5. काम करने की चाहत रखने वाला इतना बेरोजगार नही हो सकता कि आत्म हत्या करना पड़े

  6. दिक्कत ये है कि सिर्फ डिग्री ( बिना पढ़े ) ले कर बेरोजगार की श्रेणी में आये युवा छोटे छोटे रोजगार करना नहीं चाहते। अन्यथा 15 से 20 हज़ार कमाने का विकल्प बहुत है।

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