Left – Right के चक्कर में पीस रहा है हिंदुस्तान : वक्त हैं संभलने का…


Left – Right के चक्कर में पीस रहा है हिंदुस्तान : वक्त हैं संभलने का
दुनिया में सबसे तेजी से फैल रहे धर्म और संस्कृति यानी हिंदू और हिंदुत्व पर क्या असर पड़ेगा इसका ?
Ref point : Year 1947 & 2014 , बांग्लादेश और फटी jeans
Modiji की चर्चा और उसमे उर्दू नाम वाले मित्रो की अंध नफरत का योगदान
सच का सामना करे सचाई और ईमान से : भले ही उसके बाद कट्टर मुसलमान मुझे मिस्त्री बुलाए और कट्टर हिंदू देशद्रोही , I really don't care

मोदीजी ने कहा की वो बांग्लादेश के लिए जेल गए थे , मुझे पता नहीं सच्चाई का, इसलिए " no comment"
मसला क्या है वो समझिए, उनका लक्ष्य समझिए, क्या हासिल हुआ वो समझिए
क्या सीखना हैं वो समझिए

मसला :
1) एक आंदोलन हुआ था बांग्लादेश के हिंदुओं पे हो रहे अत्याचारों के खिलाफ , मेरे एक पड़ोसी भी जेल गए थे इसके Park Street में पोस्टर लगाने के जुर्म में ।
2) इस आंदोलन को left dominated newsprint journalists (in absence of social media ) ने बहुत कम तवज्जो दिया, thanks to congress led government
3) 1947 ,two nation theory ने हिंदुत्व को उभरने का मौका दिया, एक देश दिया लगभग हजारों साल बाद, शायद "पाटलिपुत्र " के पत्तन के बाद पाटिलपुत्र साम्राज्य का एक हिस्सा एक देश बना , सनद रहे मुगल जब आए थे तब हिंदुस्तान नहीं था, छोटे छोटे रजवाड़े थे, अपने अपने अहम में , तथा जाति के अंदर की जातियों में बटे हुए
4) 1947 से जो हिंदुत्व का जो पुनरुधभाव सुरू हुआ उसमे RSS, जनसंघ आदि के रोल की आप नकार नहीं सकते
5) आंदोलन से इंदिरा जी पे कुछ असर पड़ा होगा, ऐसा संभव हैं क्योंकि भावना जन जन की थी
6) एक कट्टर हिंदूवादी संगठन के सक्रिय सदस्य का 20 साल की उम्र में , हिंदुत्व संबंधित आंदोलन में jail जाना क्या बड़ी बात हैं ?
7) जैसे जैसे हिंदू शक्ति बड़ी वैसे वैसे हमारी ऋषि संस्कृति चाहे वो आयुर्वेद के छेत्र में हो या योग या आध्यात्म या अन्य जैसे प्राचीन ज्ञान ( vedic math etc)

राजनीतिक लक्ष्य :
1) वही पुराना एक ही लक्ष्य हर वो चीज जो पब्लिक domain से गायब कर दी गई हो उसे सामने लाना ,
2) गांधी नेहरू परिवार के अलावा हिंदुस्तान में किसने क्या किया उन सारे लोगो को सामने लाना
3) चर्चा एवम परिचर्चा में बने रहना : एक ध्यान देने योग्य बात है की इसमें वो सफल रहे है , उदाहरण के तौर पे 2014 तक मंहगाई बहुत बड़ा मुद्दा थी , अब आपको लोग ये कहते हुए मिलेंगे की कुछ भी हो वोट हिंदुत्व के देंगे
4) हर गड़े मुद्दे को बाहर लाना

हासिल :
1) सफल रहे मोदीजी , हमेशा की तरह
2) दो मुद्दे लीजिए एक फटी jeans का एक बांग्लादेश युद्ध का
3) फटी jeans के सपोर्ट में सबसे ज्यादा social media post उन लोगो ने डाला जो बुर्का और हिजाब के practicioner & advocate हैं , बाकी इसका नतीजा क्या हुआ लिखना जरूरी नहीं ।
4) बांग्लादेश युद्ध में संघ की भूमिका घर घर पहुच गई , thanks to the memes and jokes propagated by profiles with Urdu names, need write more ?
5) हिंदुत्व अब एक न रुकने वाला concept हैं, और इसका असल प्रभाव देखना हैं तो उन राजनैतिक दल के मुखिया को देखिए जिन्होंने कुंभ स्नान सुरू किया हैं या दत्तात्रेय गोत्र धारण किया है

मेरा दर्द
1) मुसलमानो का appeasement गलत था तो कया हिंदू appeasement सही हैं ?
2) मुसलमानो के पड़े लिखे तबके ने कभी भी विरोध नहीं किया गलत कार्य का , हिंदुओं में बहुत बड़ी संख्या हैं जो विरोध करता है, इस आवाज को और मुखर होना होगा
3) जो गलती कांग्रेस ने की वो अब बीजेपी कर रही हैं : stadium का नाम मोदीजी के नाम पे क्यों ?
4) media houses पर मौकावादी व्यवशाइयों का एकाधिकार ? ध्यान रहे 2012 से पहले अरनब गोस्वामी भी सेक्युलर था
5) क्या हिंदुस्तान की सैन्य शक्ति को बढ़ाने और एक अंतरराष्ट्रीय धाक बनाने में शास्त्री जी और इंदिरा जी का योगदान स्मरणीय नहीं हैं
6) चर्चा करनी हैं तो Shimla mistake पे किजिए, Manekshaw साहब पे लगे इल्जामों पे कीजिए, हर चीज का भगवाकरण उचित नहीं

सवाल : सनातन दुनिया में सबसे तेजी से फैल रहा धर्म हैं ( by conversion, not by biological multiplication)
हिंदुत्व सबसे तेजी से फैल रही संस्कृति हैं (आध्यात्म, योग, आयुर्वेद, ऋषि कृषि, recent funeral practices in corona)
इस धर्म और संस्कृति के फैलने के पीछे का कारण हैं science, merit, knowledge और peace ☮️
एक ईश्वरवाद और हिंसा से पीड़ित लोग हिंदू और हमारे दूसरे धर्म के तरफ जैसे बौद्ध, जैन, सीख धर्म तरफ आकर्षित हो रहे हैं (इसपे एक detail data युक्त लेख फिर कभी )

सोचिए आपकी जिम्मेदारी क्या हैं ? क्या आप राजनीती अपने मूल तत्व को खो देंगे ? वो तत्व जिसकी वजह से दुनिया आपके प्रति आकृष्ट हैं !!!!






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